आप के 20 विधायकों को इलेक्शन कमीशन का हंटर

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फैसला:- आम आदमी पार्टी के बिस विद्यायकों का फैसला राष्ट्रियपति के हाथ में इलेक्शन कमीशन ने ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट के मामले के आरोप को सही पाया और आप के बिस विधायकों की फाइल अब राष्ट्रियपति को भेज दी है

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आरोप:-  आप विधायकों पर एक से ज्यादा पद पर रह कर फायदा लेने का आरोप है आप ने अपने बिस विधायकों को संसदीय सचिव भी बना दिया था जिसके बाद ये मामला खड़ा हुआ इन विधायकों को विधायक पद और संसदीय सचिव पद दोनों तरफ से वेतन मिल रहा था जो संविधान के विरुद्ध है कोई भी व्यक्ति केवल एक ही सरकारी पद से वेतन ले सकता है इसके लिए आप ने हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था मगर हाई कोर्ट उसे निराशा ही हाथ लगी जिसके लिए राष्ट्रियपति के पास शिकायत की गई थी उसके बाद राष्ट्रियपति ने चुनाव आयोग को इसकी जाँच के आदेश दिए थे 

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सदस्यता रद्द:- आप के 20 विधायकों कि सदस्यता को रद्द कर उनसे इस मामले में जवाब भी माँगा गया था चुनाव आयोग ने अपनी जाँच पूरी कर राष्ट्रियपति को सौंप दी है और आपको बता दे कि जब इस मामले की जाँच शुरू हुई थी तब आप के 21 विधायकों की शिकायत की गई थी मगर एक विधायक ने पंजाब में चुनाव लड़ने ले लिए पहले ही अपना पद छोड़ दिया था  और साथ ही तब देश के राष्ट्रियपति प्रणव मुखर्जी थे और वर्तमान 2018 में रामनाथ कोविंद है

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यह पूरा मामला 2015 में उठाया गया था अब इस मामले में आप के बिस विधायकों का बचना मुश्किल है क्योंकि केजरीवाल के मुख्य सचिव ने माना है कि विधायकों को पूरी सुविधा दी गई थी चाहे गाड़ी जो या बांग्ला
दिल्ली में सिर्फ 7 विधायकों को ही मंत्री बनाया जा सकता है और केजरीवाल ने 28 मंत्री बना दिये थे

 

आप की सफाई :- मनीष सिसोदिया ने मीडिया से कहा की आप ने 3 साल में बिजली के दाम नहीं बढ़ने दिए, पानी के दाम आधे किये,मोहला क्लिनिक बनाए हम ईमानदारी से कार्य कर रहे है बीजेपी ने हमारी 400 फाइल्स दबाई है कुछ लोगो को खाने को नहीं मिल रहा इसलिए परेशान हो रहे है बीजेपी, कांग्रेस वालो को परेशानी हो रही है की आप सरकार अब चौथे साल में पहुंच गई है बीजेपी केंद्र का दुरुप्रयोग कर रही है 

 

 

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